Saturday, April 4, 2009

Khaalee Panne
Poetry, Story etc.
Sunday, April 5, 2009

तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती हो
जिंदगी तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती
होजिंदगी आगाज़ ,
जिंदगी परवाज़ ,
जिंदगी कल ,
जिंदगी आज
।जिंदगी हंसी ,
जिंदगी खुशी ,
जिंदगी मुस्कान ,
जिंदगी पहचान ।
जिंदगी फूल ,
जिंदगी महक,
जिंदगी हवा ,
जिंदगी चिडियों की चहक ।
जिंदगी तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती हो ।
दुःख- गम , परेशानी भी तेरे ही हिस्से हैं ।
पर तुम मुझे हर रोज़एक नयी ऊर्जा भरती हो ,
जब सुबह की पहली किरण के साथ जगती हो ।
जिंदगी तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती हो ।

3 comments:

  1. जिंदगी तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती हो ।
    दुःख- गम , परेशानी भी तेरे ही हिस्से हैं ।
    पर तुम मुझे हर रोज़एक नयी ऊर्जा भरती हो ,
    जब सुबह की पहली किरण के साथ जगती हो ।
    जिंदगी तुम मुझे ऐसे ही अच्छी लगती हो ।

    -बहुत सुन्दर.

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  2. अगली पोस्ट की प्रतीक्षा है.

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